प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुंगनूर गाय को खिलाया चारा....
मध्य प्रदेश में अब इंदौर के अलावा भोपाल में भी पुंगनूर गाय है। मुख्यमंत्री निवास में विशेष प्रजाति की पुंगनूर गाय और नंदी का आंध्रप्रदेश से आगमन हुआ है। यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद दी।
उन्होंने सोशल मीडिया पर गाय की पूजा करते फोटो साझा की। मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज अत्यंत शुभ दिन है, मंगल बेला है, जब सौभाग्य से निवास पर विशेष प्रजाति की पुंगनूर गाय और नंदी का आंध्र प्रदेश से आगमन हुआ है। गौमाता की सेवा से जीवन धन्य करना परम पुण्यदायक है। निवास पर गौमाता ''मीरा'' और नंदी महाराज ''गोपाल'' जी का हार्दिक स्वागत है। निवास पर लक्ष्मी नामक गौमाता पहले से है। छोटे पैर और छोटे कद की पुंगनूर नस्ल की गाय विलुप्त होने की कगार पर थी, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से अब इस नस्ल की गाय के अब न सिर्फ आंध्र प्रदेश बल्कि देश के अन्य स्थानों पर भी संरक्षण के प्रयास हो रहे हैं। 33 कोटि देवताओं को वास देने वाली गौमाता के चरणों में प्रार्थना है कि प्रदेशवासियों पर अपनी कृपा की वर्षा अनवरत बनाए रखें, सभी का कल्याण करें। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने मकर संक्राति पर पुंगनूर गाय को चारा खिलाते फोटो सामने आया थे।
गाय का नाम पुंगनूर शहर पर
पुंगनूर एक दुर्लभ प्रजाति की गाय है। गाय का नाम आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के शहर पुंगनूर पर रखा गया है। पुंगनूर गाय सफेद और हल्के भूरे रंग की होती है। जिनका माथा काफी चौड़ा और सींग छोटे होते हैं। पुंगनूर गाय की औसत ऊंचाई ढाई फीट से तीन फीट के बीच होती है। इसका वजन 105 से 200 किलोग्राम तक होता है।
एक से 25 लाख रुपए कीमत
पुंगनूर गाय एक लाख रुपए से लेकर 25 लाख रुपए तक की कीमत में मिल जाती है। देश में इन गायों की संख्या सिर्फ 1000 के आसपास ही रह गई है। यह गाय अभी इंदौर के एक दूध व्यापारी के पास है।
महतारी वंदन योजना - नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल
जल संरक्षण में जनसहभागिता की अनूठी मिसाल
पटेल नगर कॉलोनाईजर के विरूद्ध एफआईआर कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हुआ एम.ओ.यू.
सरकारी नौकरी पाने की खुशी चेहरों पर झलकी
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में नवीन सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए हुआ दीक्षारम्भ" कार्यक्रम
मिट्टी से सरोवर तक-वृक्ष से वर्षा तक लोक निर्माण विभाग की नई सोच
ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन
"एक बगिया मां के नाम" बनेगी आजीविका का नया माध्यम, महिलाएं होंगी लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव