यूपी के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन हुए ठगी का शिकार
लखनऊ। साइवर ठगों ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। इस बार उन्होंने एक नए तरीके से ठगी की है जिसके तहत ठगी करने वाले पहले कॉल कर नौ दबाने के लिए कहेंगे। फिर कार्ड का रजिस्टर्ड नाम और नंबर पूछने के बाद फोन काट देंगे। कुछ देर बाद आपके कार्ड से रकम पार हो जाएगी। इसका शिकार पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन हुए हैं। जालसाजों ने उनकी जानकारी हासिल कर 383 अमेरिकन डॉलर पार कर दिए। उन्होंने कार्ड ब्लॉक करवाने के बाद गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।
विवेकखंड निवासी सेवानिवृत्त पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बताया कि आठ जुलाई की दोपहर करीब 12 बजे उनके पास एक कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया कि वह एसबीआई से बोल रहा है। आपके पास एसबीआई क्रेडिट कार्ड है। उन्होंने हां जवाब दिया। इसपर जालसाज ने कहा कि क्रेडिट कार्ड पर एक लाख नौ हजार रुपए बकाया है। आलोक ने कहा कि उन्होंने कोई खरीदारी नहीं की है। बिल गलत है। इसपर जालसाज ने क्रेडिट कार्ड का नंबर बताया, जोकि गलत था। इस पर आलोक ने कार्ड उनका नहीं होने की बात कही। बातचीत के दौरान उसने आलोक से नौ दबाने के लिए कहा। साथ ही नाम और रजिस्टर्ड नंबर पूछा फिर फोन को काटने से पहले कहा कि आप बैंक में संपर्क कर लें। शाम करीब 6.30 बजे उनके पास ट्रांजेक्शन का मैसेज आया, जिसमें खाते से 383 अमेरिकन डालर लगभग 32 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी थी। इंस्पेक्टर गोमतीनगर दीपक कुमार पाण्डेय ने बताया कि कार्ड से हुए ट्रांजेक्शन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
महतारी वंदन योजना - नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल
जल संरक्षण में जनसहभागिता की अनूठी मिसाल
पटेल नगर कॉलोनाईजर के विरूद्ध एफआईआर कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हुआ एम.ओ.यू.
सरकारी नौकरी पाने की खुशी चेहरों पर झलकी
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में नवीन सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए हुआ दीक्षारम्भ" कार्यक्रम
मिट्टी से सरोवर तक-वृक्ष से वर्षा तक लोक निर्माण विभाग की नई सोच
ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन
"एक बगिया मां के नाम" बनेगी आजीविका का नया माध्यम, महिलाएं होंगी लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव