बायजू राइट्स इश्यू का मामला छह जून तक टला
नई दिल्ली । राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने शिक्षा प्रौद्योगिकी मंच बायजू के निवेशकों का पक्ष सुनने के बाद राइट्स इश्यू के जरिए जुटाई राशि के उपयोग पर प्रतिबंध को अगली सुनवाई तक बरकरार रखा। एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ ने निवेशकों के साथ कंपनी प्रबंधन का भी पक्ष सुना और इस मामले की अगली सुनवाई के लिए छह जून की तारीख तय की। इस पीठ ने साल की शुरुआत में अपने आदेश में कहा था कि राइट्स इश्यू के जरिए जुटाई गई राशि एक अलग एस्क्रो खाते में रखी जाए और मामले का निपटारा न होने तक इसकी निकासी न की जाए। निवेशकों ने आरोप लगाया है कि बायजू का संचालन करने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न ने इस राशि का दुरुपयोग किया है और अदालत के पिछले आदेश का पालन नहीं किया है। दूसरी तरफ आर्थिक संकटों से घिरी कंपनी ने कहा कि उसने एनसीएलटी के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया है। बायजू पर चार निवेशकों ने न्यायाधिकरण के आदेश का उल्लंघन करने और राइट्स इश्यू के दौरान जुटाई गई कुछ राशि का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। निवेशकों प्रोसस, जनरल अटलांटिक, सोफिना और पीक एक्सवी के एक समूह ने अन्य शेयरधारकों के समर्थन के साथ कंपनी प्रबंधन और राइट्स इश्यू के खिलाफ एनसीएलटी का दरवाजा खटखटाया था। वित्तीय मुश्किलों में घिरने के बाद कंपनी ने फरवरी में 20 करोड़ डॉलर के राइट्स इश्यू को 22 अरब डॉलर के अपने शीर्ष उद्यम मूल्य की तुलना में 99 प्रतिशत कम मूल्यांकन पर जारी किया था।
महतारी वंदन योजना - नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल
जल संरक्षण में जनसहभागिता की अनूठी मिसाल
पटेल नगर कॉलोनाईजर के विरूद्ध एफआईआर कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हुआ एम.ओ.यू.
सरकारी नौकरी पाने की खुशी चेहरों पर झलकी
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में नवीन सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए हुआ दीक्षारम्भ" कार्यक्रम
मिट्टी से सरोवर तक-वृक्ष से वर्षा तक लोक निर्माण विभाग की नई सोच
ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन
"एक बगिया मां के नाम" बनेगी आजीविका का नया माध्यम, महिलाएं होंगी लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव