143वीं श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में केरल के ढोल और छत्तीसगढ़ के नृत्य ने बढ़ाई शोभा
कटनी। कटनी जिले में प्राचीन श्री जगन्नाथ स्वामी जी के मंदिर से 143वीं रथ यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में शामिल होने के लिए जिले के हजारों श्रद्धालुओं के साथ-साथ समाजसेवियों और जिम्मेदार अधिकारियों ने श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान श्री जगन्नाथ महाराज, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरी शोभायात्रा में केरल के प्रसिद्ध शक्ति ढोल की 20 सदस्यीय टीम के साथ छत्तीसगढ़ के चंदा मेलम, आदिवासी नृत्य और लोटा नृत्य की प्रस्तुतियां देखने को मिलीं। जिसने यात्रा खूब शोभा बढ़ाई। श्री जगन्नाथ मंदिर से निकली यात्रा लगभग 1.5 से 2 किलोमीटर लंबी थी, जिसका जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और प्रसाद वितरण भी किया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु "जगन्नाथ का भात, जगत पसारे हाथ" के जयघोष करते हुए पूरे क्षेत्र को गुंजायमान कर रहे थे।
हालांकि, इस दौरान ट्रैफिक जाम जैसी बड़ी समस्या भी सामने आई। जाम में फंसे अमरीश तिवारी ने बताया कि “जगन्नाथ यात्रा वर्षों से निकलती आ रही है, लेकिन नगर निगम हर बार अपनी व्यवस्था और जिम्मेदारियों में विफल हो जाता है। इस बार भी शहरी क्षेत्र में जाम लग गया। मैं सुभाष चौक से आया हूं, वहां से लेकर मिशन चौक और बरगवां से जगन्नाथ चौक तक लगभग 3 किमी से भी ज्यादा लंबा जाम लगा हुआ है, जिसमें कई एंबुलेंस और आवश्यक कार्यों से जाने वाले लोग फंसे रहे।
नगर प्रशासन की लापरवाही और विकल्प मार्ग न बनाए जाने के चलते रथ यात्रा के दौरान गंभीर ट्रैफिक जाम देखने को मिला, जिसमें 2 एंबुलेंस सहित सैकड़ों वाहन फंसे रहे। जानकारी मिलने के बाद यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को साइड में कराकर पहले एंबुलेंस को निकाला गया। ट्रैफिक एएसआई अशोक सिंह ने बताया कि जगन्नाथ यात्रा के चलते अचानक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी है। इसे हमारे 8 होमगार्ड और 4 ट्रैफिक कर्मियों ने मिलकर संभाला है।
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