गर्मी बनी मुसीबत: जबलपुर में पटाखे बने बिजली मीटर, जनता परेशान
जबलपुर: जिले में इन दिनों गर्मी चरम पर है, बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा. जिसकी तपिश से जनता को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है. तेज गर्मी की वजह बिजली मीटर जल रहे हैं. बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मीटर का जलना सामान्य बात है. कई बार अधिक लोड नहीं सहने के चलते मीटर जल जाता है.
भीषण गर्मी की चपेट में आ रहे बिजली मीटर
जानकारी के अनुसार, गर्मी के चलते जलने वाले मीटरों में सबसे अधिक संख्या स्मार्ट मीटर की है. जिससे लोगों के घरों की बिजली बाधित हो रही है. इससे सीधे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. जबलपुर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी और एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय अरोड़ा ने कहा, "जिले में बीते कुछ दिनों में 4115 मीटर जले हैं, जो कुल मीटर का एक प्रतिशत है. यह घटना सामान्य है. यदि एक प्रतिशत तक मीटर जलने की समस्या होती है तो इसे असामान्य नहीं माना जाता है. ऐसा सामान्य तौर पर देखा जाता है. हालांकि, उपभोक्ताओं को परेशानियां हो रही है. इसलिए जल्द ही मीटर बदल दिया जाएगा."
कई सालों से चल रहा मीटर बदलने का काम
जबलपुर में बिजली कंपनी बीते 2 सालों से पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगा रही है. कंपनी का लक्ष्य प्रत्येक घर में स्मार्ट मीटर लगाने का है. शहर में लगभग 3,82,000 घरेलू मीटर है और 55,000 कमर्शियल मीटर हैं. एक स्मार्ट मीटर की कीमत लगभग 5000 रुपए है, हालांकि, यह पैसा डायरेक्ट जनता से नहीं लिया जा रहा है. लेकिन, ऐसा माना जाता है कि अंत में इसका पैसा जनता से ही वसूला जाता है.एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजय अरोड़ा ने कहा, "मीटर सप्लाई का काम जिन कंपनियों का है, बदलने का काम भी उन्हीं कंपनियों का है. यह फ्री ऑफ कॉस्ट होगा." जबलपुर में लंबे समय से बिजली को लेकर आंदोलन कर रहे कांग्रेस नेता सौरभ शर्मा ने कहा, "बिजली विभाग में बड़ी लापरवाहियां हैं. घटिया सामान सप्लाई किया जा रहा है. मैदानी स्तर पर कर्मचारियों की भारी कमी है. इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है. जबकि सरकार 8 रुपए प्रति यूनिट बिजली बेचकर अपनी जेब भर रही है."
महतारी वंदन योजना - नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल
जल संरक्षण में जनसहभागिता की अनूठी मिसाल
पटेल नगर कॉलोनाईजर के विरूद्ध एफआईआर कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हुआ एम.ओ.यू.
सरकारी नौकरी पाने की खुशी चेहरों पर झलकी
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में नवीन सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए हुआ दीक्षारम्भ" कार्यक्रम
मिट्टी से सरोवर तक-वृक्ष से वर्षा तक लोक निर्माण विभाग की नई सोच
ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन
"एक बगिया मां के नाम" बनेगी आजीविका का नया माध्यम, महिलाएं होंगी लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव