मौसम विभाग का पूर्वानुमान: सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में होगी बारिश
छत्तीसगढ़ में गर्मी से राहत दिलाने वाली खबर आई है. दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए 14 जून से अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में कई मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से वर्षा गतिविधियां तेज होने वाली हैं. अगले कुछ दिनों में गरज-चमक, अंधड़ और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही प्रदेश में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की उम्मीद है. यह बदलाव किसानों और आम जनजीवन दोनों के लिए राहत लेकर आएगा.
इस जिलों में आज बरसेगा बादल
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 11 जून को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है. इसमें सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उता बस्तर कांकेर में आंधी-तुफान की पूरे आसार हैं. गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (50-60 किमी प्रति घंटा) भी चल सकती हैं.
बड़े इलाकों में चेतावनी और अलर्ट
11 जून को प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज अंधड़ और वज्रपात की संभावना है. आने वाले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है. बिजली गिरने और तेज हवाओं से सतर्क रहने की सलाह है. वहीं राजधानी रायपुर में 11 जून को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 39°C और न्यूनतम 27°C के आसपास रहेगा. हल्की वर्षा या छींटे पड़ सकते हैं.
पिछले 24 घंटे का मौसम सारांश
मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई. सर्वाधिक तापमान: 39.5°C (राजनांदगांव) और न्यूनतम तापमान: 24.2°C (दुर्ग) में दर्ज किया गया, वहीं वर्षा आंकड़े: देवभोग, डौंडीलोहारा – 1 सेमी वर्षा दर्ज किया गया.
कहा तक पहुंचा है मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, सैंडहेड द्वीप और बालुरघाट तक पहुंच चुका है. मौसम विभाग के अनुसार 14 जून से मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं.
सक्रिय मौसमी सिस्टम
उत्तर छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में 0.9 किमी ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवात सक्रिय है. एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश से होते हुए पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जो मध्यप्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़ और ओडिशा को प्रभावित कर रही है. उत्तर ओडिशा और आसपास 1.5 से 5.8 किमी ऊंचाई तक एक और ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण सक्रिय है. हवा का एक शियर ज़ोन 3.1 से 4.5 किमी ऊंचाई तक 15° उत्तर अक्षांश पर मौजूद है. पश्चिमी विक्षोभ 65° उत्तर और 28° पूर्व पर स्थित है.
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