ई-ऑफिस रैंकिंग में पिछड़ा भोपाल... टॉप-10 में भी शामिल नहीं
7 माह में सिर्फ 113 ई-फाइलें ही बनार्इं, अदने से जिले बैतूल और हरदा ने मारी बाजी, संभाग के कई जिले निकले फिसड्डी
भोपाल । ई-ऑफिस सिस्टम भोपाल सहित प्रदेश के सभी जिलों में मुख्य सचिव ने शुरू करवाया है। पिछले दिनों प्रशासन ने भी दावा किया कि कलेक्टर कार्यालय से लेकर सभी सरकारी विभागों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर दिया गया है। मगर अभी शासन ने ई-ऑफिस रैंकिंग तैयार की, उसमें भोपाल-इंदौर टॉप-10 जिलों में भी स्थान नहीं पा सका है और बैतूल, हरदा जैसे जिले इस मामले में बाजी मार गए। हालांकि अफसरों का कहना है कि छोटे जिलों में फाइलों की मूवमेंट कम भी रहता है और भोपाल-इंदौर जैसे सबसे बड़े जिलों में फाइलों के साथ-साथ कामकाज भी अधिक है।
पिछले साल नवम्बर माह से ई-ऑफिस सिस्टम सभी विभागों में लागू किया गया। नवम्बर से लेकर अभी मई के 7 माह में किन जिलों में ई-ऑफिस सिस्टम को कितना अपनाया इसको लेकर जो शासन स्तर पर रैंकिंग तैयार हुई उसमें बैतूल, हरदा नर्मदापुरम ने सबसे अच्छा काम किया। इसमें बैतूल तो नम्बर वन स्थिति में पाया गया, जहां पर लगभग साढ़े 3 हजार फाइलें बनीं, वहीं दूसरे नम्बर पर हरदा जिला रहा, जहां 1755 फाइलें बनी है। इंदौर जिलें में 113 ई-फाइलें ही बनीं। राजधानी भोपाल तो इंदौर से भी पीछे रहा, जहां मात्र 41 ई-फाइलें तैयार हुई। यानी टॉप-10 जिलों में इंदौर के साथ-साथ भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर जैसे चारों प्रमुख शहर स्थान नहीं पा सके हैं। टॉप-10 में बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, शिवपुरी, अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा कटनी जैसे जिले शामिल रहे, तो संभागों में इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, भोपाल सहित अन्य संभाग इनसे पीछे रहे।
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