हाथरस हत्याकांड: मासूम बच्चियों के कातिलों को कोर्ट से मौत की सजा
उत्तर प्रदेश के हाथरस में देर रात हत्या को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को मौत की सजा सुनाई गई. मासूम बच्चियों की हत्या कर माता-पिता पर भी मारने की नीयत से हमला किया गया, लेकिन आरोपी माता-पिता को बुरी तरह से घायल कर फरार हो गए. वहीं इस मामले में आज कोर्ट ने फैला सुनाया. आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को मासूम बच्चियों की हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई.
हाथरस विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रामप्रताप सिंह ने 2 मासूम बच्चियों की हत्या के दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई. दोनों दोषी विकास और लालू पाल ने 7 साल की विधि और 13 साल की सृष्टि की हत्या करने के बाद टीचर और उनकी पत्नी पर भी हमला कर घायल कर दिया था. इस मामले मेंं कोर्ट ने सिर्फ 4 महीने 6 दिन में फैसला सुना दिया. 29 मार्च को दोनों आरोपियों के खिलाफ इस मामले में एक दर्जन से अधिक लोगों ने गवाही दी थी जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
सिर्फ 10 मिनट में सुनाई सजा
कोर्ट ने आरोपियों को 26 मई को ही दोषी मान लिया था.आज यानी 28 मई को कोर्ट में सजा पर सुनवाई हुई. सिर्फ 10 मिनट के अंदर कोर्ट ने दोषियों को मौत की सजा सुना दी. कोर्ट ने माना कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और हत्या में शामिल दोनों आरोपी मुजरिम है. जिसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को मौत की सजा सुना दी.
दोषियों को दी मौत की सजा
एडीजीसी दिनेश यादव ने कहा कि हाथरस शहर के आगरा रोड निवासी टीचर छोटेलाल गौतम की दो बेटियां सृष्टि और विधि की 22 जनवरी को निर्मम हत्या कर दी गई थी. छोटेलाल गौतम सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित आशीर्वाद धाम कॉलोनी में रहते हैं. आरोपियों ने बच्चियों के माता-पिता पर भी जानलेवा हमला किया गया था. इस जघन्य हत्याकांड में आज विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) रामप्रताप सिंह ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है.
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