प्रसाद में सांप मिलने से मचा हड़कंप, मंदिर प्रशासन पर उठे सवाल
तमिलनाडु के कृष्णगिरि जिले के होसुर में स्थित चंद्रचूड़ेश्वर मंदिर है. ये मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि यह मंदिर 800 साल पुराना है. यहां प्रतिदिन 800 से 1000 लोग दर्शन के लिए आते हैं. बेंगलुरु और कृष्णगिरि को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित यह मंदिर हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के नियंत्रण में है. इस मंदिर में दिए जाने वाले प्रसाद में सांप का बच्चा निकलने से हड़कंप मच गया.
प्रसाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं. चंद्रचूड़ेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले प्रसाद में सांप का बच्चा निकलने की घटना ने श्रद्धालु स्तब्ध हैं. जब श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रशासन से प्रसाद में सांप होने की शिकायत की तो मंदिर प्रशासन के अधिकारियों ने कथित तौर पर उदासीनता से जवाब दिया. इसके बाद श्रद्धालुओं ने तुरंत हिंदू धर्मार्थ विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई.
मामले की जांच चल रही है
फिलहाल मामले की जांच चल रही है. श्रद्धालुओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि प्रसाद में एक मरा हुआ सांप मिला है. उन्होंने हिंदू धर्मार्थ विभाग को टैग किया. हांलांकि इस मामले पर चंद्रचूड़ेश्वर मंदिर प्रशासन या हिंदू धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. बता दें कि तमिलनाडु खाद्य सुरक्षा विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है कि सड़क के स्टॉलों पर मिलने वाले भोजन से लेकर मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले प्रसाद तक लोगों तक स्वस्थ तरीके से पहुंचे.
तमिलनाडु खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग कठोर कदम उठा रहा है और ऐसे कुछ होटलों और सड़क किनारे स्टॉलों को सील कर रहा है, जहां अस्वास्थ्यकर भोजन लोगों को खिलाया जा रहा है. मंदिर के प्रसाद में सांप निकलने के बाद तमिलनाडु खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग क्या करेगा ये देखना होगा.
महतारी वंदन योजना - नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल
जल संरक्षण में जनसहभागिता की अनूठी मिसाल
पटेल नगर कॉलोनाईजर के विरूद्ध एफआईआर कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हुआ एम.ओ.यू.
सरकारी नौकरी पाने की खुशी चेहरों पर झलकी
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में नवीन सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए हुआ दीक्षारम्भ" कार्यक्रम
मिट्टी से सरोवर तक-वृक्ष से वर्षा तक लोक निर्माण विभाग की नई सोच
ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन
"एक बगिया मां के नाम" बनेगी आजीविका का नया माध्यम, महिलाएं होंगी लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव