कब है मोहिनी एकादशी? वैशाख माह में शुक्ल पक्ष के इस व्रत का बड़ा महत्व, जानें तिथि, मुहूर्त, पारन का समय
हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत रखने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि एकादशी का व्रत रखने से हर मनोकामना पूर्ण होती है. साल भर में कुल 24 एकादशी होती हैं, यानी हर महीने में दो एकादशी. एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में. हर एकादशी का अपना अलग महत्व है.
एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. फिलहाल वैशाख का महीना चल रहा है और इस महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है. आइए जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य से कि साल 2025 की मोहिनी एकादशी कब है, पूजा का शुभ मुहूर्त और इसका महत्व क्या है?
इस दिन मनाई जाएगी मोहिनी एकादशी
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18 को बताया कि वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है. इस साल 8 मई को मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. मोहिनी एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है. मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. जीवन में सुख-शांति आती है और मन की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं.
कब से शुरुआत
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि ऋषिकेश पंचांग के अनुसार, मोहिनी एकादशी तिथि की शुरुआत 7 मई बुधवार प्रातः 10 बजकर 28 मिनट से हो रही है. समापन अगले दिन यानी 8 मई गुरुवार प्रातः 11 बजकर 43 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार 8 मई को ही मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा.
मोहिनी एकादशी में पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. अगर पूजा शुभ मुहूर्त में की जाए तो दोगुना फल प्राप्त होता है. मोहिनी एकादशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 5 बजकर 12 मिनट से लेकर 9 बजे तक रहेगा. पारण का समय 9 मई प्रातः 5 बजकर 41 मिनट से 8 बजकर 16 मिनट तक रहेगा.
क्या है मोहिनी एकादशी का महत्व
हिंदू धर्म में मोहिनी एकादशी को अत्यंत पुण्य दायक व्रत माना गया है. अगर किसी कार्य में सफलता नहीं मिल रही है या मनोकामनाएं पूरी नहीं हो रही हैं तो एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की षोडशोपचार विधि से पूजा करें. इससे मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होंगी.
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