मप्र में 28.8 किलोमीटर में वेस्टर्न बाईपास बनाने की तैयारी, इतने वाहनों की होगी छमता
ग्वालियर: आगरा-इंदौर मार्ग पर रायरू निरावली से काउंटर मैग्नेट सिटी होते हुए शिवपुरी हाईवे पर पनिहार तक 28.8 किमी लंबा वेस्टर्न बायपास बनाने की तैयारी कर ली गई है। वेस्टर्न बायपास बनने से वाहन चालकों को 32 किमी का चक्कर और 40 मिनट का समय बचेगा। अभी इसमें 1.25 घंटे का समय लगता है। साथ ही बायपास से एक साथ 25 से 30 हजार वाहन गुजर सकेंगे।
भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना
एनएचएआई ने बायपास के लिए भूमि अधिग्रहण कर ली है। 1347.6 करोड़ रुपए की लागत से बनने जा रहे 28.8 किमी लंबे इस बायपास का काम हाइजवेज कंपनी को दिया गया है। बायपास के लिए 15 गांवों की 110 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण करने के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इसका काम अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। कंपनी को यह काम दो साल में पूरा करना होगा।
बायपास दो जिलों के 15 गांवों से होकर गुजरेगा
ग्वालियर: बरौआ नूराबाद, निरावली, गाजीपुरा, जिनावली, बिलपुरा, जिगसोली, कुलेथ, सोजना, परपाटे का पुरा और तिघरा, पनिहार और रामपुर। मुरैना: बानमोर कलां, बानमोर खुर्द, जयपुर उर्फ नयागांव। दो फ्लाईओवर और एक आरओबी भी बनेंगे: बानमोर से पनिहार तक बन रहे पश्चिमी बायपास पर सात छोटे पुल, 18 अंडरपास, दो फ्लाईओवर और एक आरओबी बनाया जाएगा। दोनों फ्लाईओवर 60-60 मीटर के होंगे। ये फ्लाईओवर बानमोर और नूराबाद में बनेंगे। बायपास पर एक साथ 25 से 30 हजार वाहन गुजर सकेंगे।
वाहन चालकों को यह होगा लाभ
वेस्टर्न बायपास के निर्माण से आगरा-इंदौर मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले 12 से 15 हजार छोटे-बड़े वाहन चालकों को लाभ मिलेगा। अभी तक वाहन चालकों को रायरू या बानमोर जाने के लिए बेला की बावड़ी से शिवपुरी लिंक रोड, सिकरौदा तिराहा और झांसी बायपास होते हुए करीब 60 किमी का सफर तय करना पड़ता है। वेस्टर्न बायपास के निर्माण से यह सफर महज 28.8 किमी में पूरा हो जाएगा। इससे वाहन चालकों को 32 किमी का चक्कर और 40 मिनट का समय बचेगा।
साडा को मिलेगा लाभ: व्यापारिक गतिविधियां और बसाहट बढ़ेगी
वेस्टर्न बायपास के निर्माण से काउंटर मैग्नेट सिटी में बसाहट और व्यापार बढ़ेगा। क्योंकि बायपास का करीब 90 फीसदी हिस्सा इसी क्षेत्र से गुजर रहा है। इससे साडा और आसपास के क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक प्रोजेक्ट आएंगे और बसाहट के साथ ही व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। क्योंकि यहां लॉजिस्टिक पार्क, उद्योग, स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थानों के लिए भी जगह आरक्षित होगी। कुलेथ, जिगसौली, सोजना, पनिहार, जिनावली, गाजीपुरा क्षेत्र में भी ये संभावनाएं देखी जा रही हैं। साडा के दोनों ओर सर्विस रोड भी बनाई जा रही हैं।
प्रोजेक्ट में ये तैयार
- रायरू के निरावली से बाईपास शुरू होगा, जो पनिहार तक बनेगा।
- बाईपास का एक लंबा हिस्सा सोन चिरैया अभ्यारण्य क्षेत्र से भी गुजरेगा। वन्य जीव विभाग ने इस क्षेत्र में एनिमल अंडरपास और फ्लाईओवर बनाने के लिए ही एनओसी दी है।
- वेस्टर्न बाईपास प्रोजेक्ट में एनिमल अंडरपास फ्लाईओवर (जानवरों की आवाजाही) के लिए अलग से रास्ते होंगे।
- वेस्टर्न बाईपास प्रोजेक्ट में कुल 154 हेक्टेयर जमीन का उपयोग होगा, जिसमें 41 हेक्टेयर जमीन वाइल्ड लाइफ और करीब तीन हेक्टेयर जमीन वन विभाग की है। जबकि 15 गांवों की 110 हेक्टेयर जमीन शामिल है।
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