ब्रह्मा मंदिर के अलावा पुष्कर में ये खास मंदिर, जहां आपको जरूर जाना चाहिए
पुष्कर की नागपहाड़ी पर अन्नपूर्णा माता का अति प्राचीन मंदिर मौजूद है. इस दिव्य अन्नपूर्णा माता मंदिर में प्रतिमा के पास अखंड दीपक जलता रहता है. इसकी रोशनी में ही माता के दर्शन होते हैं.
पुष्कर के मध्य स्थित नागपहाड़ी पर 4500 साल पुराना पांडेश्वर महादेव मंदिर है. यह मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है. मान्यता है कि यहां श्रद्धापूर्वक पूजा करने से सभी की मनोकामनाएं पूरी होती है .
पुष्कर में ब्रह्मा मार्ग पर प्राचीन सिद्धि विनायक का मंदिर मौजूद है . यह मंदिर अपनी विशेषता पर प्राचीनता के कारण विशेष महत्व रखता है. यहां मंदिर में भगवान गणेश की 7 फीट की प्रतिमा मौजूद है .
अजमेर में पुष्कर की नाग पहाड़ी पर प्राचीन नीलकंठ महादेव मंदिर है. यह मंदिर चिरकाल से बिना किसी नींव के खड़ा है.मंदिर के भीतर गर्भ ग्रह में नीलकंठ महादेव का शिवलिंग स्थित है. भगवान नीलकंठ यहां अपने परिवार के साथ विराजमान है.
यह मंदिर भगवान ब्रह्मा की दूसरी पत्नी देवी गायत्री को समर्पित है. यह मंदिर पुष्कर के महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है. यहां पहुंचने के लिए एक छोटी पहाड़ी पर चढ़ाना होता है .
पुष्कर झील के तट पर स्थित आप्तेश्वर महादेव का मंदिर है. यहां संगमरमर से बनी पंचमुखी भगवान शिव की प्रतिमा है, जो सुंदर आभूषणों से सुसज्जित है. यह मंदिर स्थापत्य कला का एक अद्भुत नमूना है.
पुष्कर में डेढ़ सौ साल पुराना भगवान रंगजी का मंदिर स्थित है, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. यह मंदिर पुष्कर में सबसे लोकप्रिय धार्मिक स्थलों में से एक है.
महतारी वंदन योजना - नारी सशक्तिकरण की नयी मिसाल
जल संरक्षण में जनसहभागिता की अनूठी मिसाल
पटेल नगर कॉलोनाईजर के विरूद्ध एफआईआर कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए हुआ एम.ओ.यू.
सरकारी नौकरी पाने की खुशी चेहरों पर झलकी
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल में नवीन सत्र 2025-26 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए हुआ दीक्षारम्भ" कार्यक्रम
मिट्टी से सरोवर तक-वृक्ष से वर्षा तक लोक निर्माण विभाग की नई सोच
ग्रामों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री वृन्दावन ग्राम योजना का अनुमोदन
"एक बगिया मां के नाम" बनेगी आजीविका का नया माध्यम, महिलाएं होंगी लाभान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव