फिर महंगा हुआ मक्का और गेहूं, पशु चारे में भी आएगी तेजी
नई दिल्ली । लोगों को खाने-पीने की चीजों की महंगाई से राहत मिलना मुश्किल ही नजर आ रहा है। गेहूं की कीमतों में तेजी के साथ मक्का भी महंगा हो गया है, जिसकी वजह से पशु चारा और भी महंगा होने की आशंका है। बाजार के जानकारों का कहना है कि सप्लाई में कमी, एथेनाल उत्पादन में गन्ने के स्थान पर मक्के का उपयोग होना और पशु चारा बनाने वाली कंपनियों तथा स्टार्च मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों में मांग बढ़ने से अक्टूबर के बाद से मक्का की कीमतों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं गेहूं 5.5 फीसदी से ज्यादा महंगा हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि खरीफ मक्का की फसल खत्म हो चुकी है और मंडियों में आवक 25 से 27 प्रतिशत कम है। मानसून के अनियमित होने से भी मक्के की फसल पर प्रभाव पड़ा है। आवक में कमी से कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मक्के का फैक्ट्री डिलीवरी भाव 24000 से 25000 रुपए प्रति टन के बीच है, जो तीन महीने पहले 21000 रुपए प्रति टन था।
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